Wednesday, 21 January 2015

A story in a Poetry| The Dimple Girl, Turns Pimple Girl For Garnier Pure Active Neem Contest

एक थी कन्या नन्ही-सी

चंचल सी, sunny- सी

बेपरवाह - लापरवाह सी
पंखुड़ी इक कमल सी

खेलती रहती बगिया में
जैसे तितली चपल-सी

न थी दुनिया की सुद्बुध
अल्हड सी , पर अटल सी

पापा की थी princess
मम्मी की थी success

खूब पढ़ाया - खूब लिखाया
हर फील्ड में top करवाया

खेलों में भी थी वो आगे,
हर competition उसने जीत दिखाया

कोशिश करती सीखने की,
अब आदत थी उसे जीतने की

School में था लहराता परचम
Classmates  भी भरते थे दम

उम्र हुई अब स्यानो की
झुमके और काजल के  नैनों की

college के भी दिन आगये
top college में admission  पा गए …

लड़को की भी आँखें फिरती,
जब कॉलेज में वो हिरणी चलती

हो जाते उसके तेज से घायल
 पर वो थी अपनी मन की कायल

फिर आये Campus के दिन,
Job भी लग गयी  कोई struggle के बिन,

मम्मी-पापा की बिटिया रानी
बन चुकी थी professionals की नानी

placement हुई दूजे शहर में
घरोंदा छोड़ उडी सहर  में

काम करने के दिन आगये
corporate के नाम पर भेजा खागए

याद आये अब घर का प्यार
माँ की रोटी और पापा का दुलार

Health हो गयी थी ignore
भुजी- भुजी, रुझी -रुझी

जैसे पतझड़ का सुख बोर

सूखी-सूखी, रूखी -रूखी
नज़रें हो गयी झुकी-झुकी

चेहरे पर हो गये मोटे pimple
ध्यान न दिया, और खो गए dimple

दुनिया का ध्यान कहा था
रहते थे बड़े simple-simple

उधर माँ-पा के अरमान बढ़े
की अब बेटी की शादी करें

राज कुमार मैं चाहूंगा,
ऐसा दामाद मैं लाऊंगा

बिटिया रानी ने भी हामी भरी
सोने जैसी थी वो खरी

अरमान अब उसने भी जगाये थे
सपनो में उसके, राजा लेने आये थे

शुरू हुई अब searching  –verching
Matrimony, local networking

पापा-माँ  करे रोज़ shortliting
फिर बिटिया को करते forwarding

profession देख जवाब भी आये
हर कोई ऐसी कन्या चाहे

लड़को से मिलने के दिन आये
कई नए अरमान दिल में जगाये

हर लड़का मिलना  चाहता
पर मिलने के  बाद जवाब न आता

कोई कहता विचार न मिलें
कोई कुंडली का बहना बताता

पापा पर अब छा गयी टेंशन
क्या शादी होगी, मिलने पर पेंशन?

मम्मी ने भगवान मनाये
कोई तो बेटी को ब्याह ले जाये

Suitable अब आये न रिश्ते
विचार हुए लोगों  के सस्ते

confidence अब  हो गया चूर
वो भागती थी अब दुनिया  से दूर

दुनिया की यही रह गयी है रीत
सीरत को सूरत अब करती है beat

वो थे इतने भोले-भले
समझ न पाये जग के खेल निराले

अब आयी आंटी पड़ोसन
पंचायत जो करती हरदम

कहती कराओ ट्रीटमेंट चेहरे के
कहीं ये रह न जाए बिन फेरे के

मम्मी को हो गयी और भी टेंशन
रहते अब  सब गुमसुम-गुमसुम

फिर एक आया रिश्ता नया
जैसा बेटी ने था चाहया

पर आत्मविश्वास खो गया
वैसा चंचल मन सो गया

हिम्मत फिर से माँ ने बांदी
बिटिया की कीमत किसी ने न जानी

अब आया मिलने का दिन
घर में  पधारे बन्दे तीन

लड़का के चेहरे पर  तेज
थी एक दम suitable age

कन्या बैठी सिमटी-सहमी
नज़रे नीचे, गहमी-गहमी

लड़के ने उसके मन को भांपा
कहा लड़की पसंद है पापा

लड़के की माँ ने पास बैठायी
कहा हमें तू बहुत पसंद आई

खुशी के आसूं , नैनो से फूटे
जुड़ गए सारे सपने टूटे

संस्कारों के थे वो धनि
जहा बिटिया की थी बात बनी

उसने दिल की बात बताई
की pimples से उस पर क्या बन आयी

सासु माँ थी बड़ी सयानी
कहती मेरी बिटिया रानी,

न कर चिंता, न कर परवाह
ये है product  जानी –मानी

Garnier Pure Active Neem
use कर दिन में drops तीन

एक week की बात है
होंगे तेरे pimples clean

बिटिया ने ये नुस्खा अपनाया
फिर-से खिला हुआ चेहरा पाया,

अब थी वो तितली चुल-बुल
संजन संग गयी खुशियों में घुल

दूल्हे का सेहरा और डोली सजी
चले हाथों में हाथ लिए 

सब थे खुश अब, सब थे राजी
जीती उस ने thi ये भी बाजी

ये थी बिटिया की कहानी, 
चहरे पर हँसी , आँखों में पानी 

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