Swaying Hearts
Thursday, 8 June 2017
वापसी
कुछ ख़ास है तुझमे, जो मुझमे नहीं
कुछ बात है तुझमे, जो मुझमे नहीं
ज़माने बीत गए, नज़रों की चमक वहीं
फ़साने बीत गए, तेरी दमक वही
फिर खो न जाना तू उन नकाबों की भीड़ में
है जो हिम्मत तुझ में , वो मुझमे नहीं।।
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